2. All of Situation in your hand.............
भाग्य आपके हाथ में
किस्मत आपके साथ में
निराशा मैं हम यह कहते है की यह हमारे भाग्य मैं नहीं है ,
या हमारी किस्मत मैं नहीं है परन्तु दोस्तों इस बात को मैं नहीं कहता
ऐसा कहना मुझे यू लगता है जैसे लोमड़ी के लिए अंगूर खट्टे हों
यह तो असफलता का श्रेय भाग्य को देना हुआ न
जबकि भाग्य स्वयं पोजिटिव है ,हाँ इसका अर्थ मैं लगाता हूँ भा -गया जंहा यदि कोई वस्तु हमारे मन मैं भा गई या अच्छी लगी तो हम उसे पाने का प्रयास करेंगे और वो हमें हासिल हो जाएगी
यानि भाग्य का मतलब है भा गई तो हमारे भाग्य मैं है
एसे ही किस्मत का अर्थ किस -मत से है
यदि आपका मत पाने का है तो वह आपकी किस्मत मैं है और यदि नहीं पाने का है तो वो आपकी किस्मत मैं नहीं है इसीलिए तो बजुर्ग कहते है की मनुष्य अपने भाग्य का निर्माता स्वयं है .....

No comments:
Post a Comment